1936 में लोअर असम के नलबाड़ी जिले के बेलसर में, वे पिछले दो वर्षों से बिस्तर में रहे मशहूर असम के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और चित्रकार गौरी बर्मन का निधन हो गया है। इससे असम की फिल्मी दुनिया में शोक फैला हुआ है। 84 वर्ष के गौरी बर्मन काफी लम्बें समय से एक बीमारी से जूझ रहे थे। सही इलाज होने के बावजूद भी गौरी ठीक नहीं हुए। अंत में गुवाहाटी अपने निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली।


 
अपराजिता, अपजन, ह्रदयोर प्रोजोन और जीबन जूटी जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जानी जाने वाली बर्मन को 2019 में जीवन सिल्पी आद्या सरमा अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसी के साथ उन्होंने 30 से अधिक डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और प्रोग्रामों का निर्देशन भी किया है। 2012 में ऑब्जेक्ट डी 'कला समिति के सदस्य के रूप में बर्मन को शामिल किया। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने फिल्म निर्माता के निधन पर शोक व्यक्त किया है।


सोनोवाल ने कहा कि मशहूर फिल्म निर्माता और कलाकार, गौरी बर्मन के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। उनकी रचनाओं ने असमिया सिनेमा, कला और संस्कृति के क्षेत्र को समृद्ध किया है। इसी के साथ सोनोवाल ने एक ट्वीट कर कहा कि दिवंगत फिल्म निर्माता गौरी बर्मन की आत्मा के लिए मेरी प्रार्थनाएं और उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना है। कई राजनेताओं ने इस भी संवेदना व्यक्त की है।