असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनके परिवार के द्वारा जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि सीएम की पत्नी और बेटे ने गरीबों की जमीन हड़प ली है। इन सभी आरोपों का हिमंता ने खारिज कर दिया है। लेकिन यह मामला शांत नहीं हो रहा है। इस कड़ी में प्रख्यात विद्वान डॉ. हिरेन गोहेन ने भी मुख्यमंत्री हिमंता के परिवार से जुड़े कथित भूमि हड़पने के घोटाले की जांच की मांग की है।

डॉ. गोहेन (Dr. Hiren Gohain) ने कहा कि हर ईमानदार नागरिक चाहेगा कि मुख्यमंत्री जमीन हथियाने (Land grabbing) के आरोप में सफाई दें। उन्होंने आरोपों पर सतही टिप्पणी करने के लिए मुख्यमंत्री सरमा की भी आलोचना की। इससे पहले, कांग्रेस (Congress) ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta) और उनके परिवार पर भूमिहीनों के लिए 18 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप लगाया था।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि "प्रमुख मीडिया घरानों की एक जांच के अनुसार, एक रियल एस्टेट कंपनी, आरबीएस रीयलटर्स, मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा सह-स्थापित, रिंकी भुइयां सरमा (Riniki Bhuyan Sarma) कथित तौर पर भूमिहीन व्यक्तियों और संस्थानों के लिए लगभग 18 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा कर रही है "।

दूसरी ओर कांग्रेस (Congress) नेताओं ने आरोप लगाया कि आरबीएस रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड ने दो चरणों में, पहले 2006-2007 में और फिर 2009 में 18 एकड़ में से अधिकांश का अधिग्रहण किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तरी गुवाहाटी में कुल सात भूखंड कथित तौर पर 2008 और 2009 के बीच आरबीएस रीयलटर्स को आवंटित किए गए थे।