असम विधानसभा (Assam Assembly) के उपाध्यक्ष डॉ नुमाल मोमिन (Dr. Numal Momin) ने 'आदिवासी बेल्ट और ब्लॉक' के तहत क्षेत्रों में अतिक्रमण का आकलन करने के लिए चिरांग जिले के मोजाबारी, छोटो मोजाबारी और डोलोगांव गांवों का दौरा किया है।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, डॉ मोमिन (Dr. Numal Momin) ने बताया कि उन्होंने चिरांग जिले का दौरा किया क्योंकि असम विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को पिछले विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आदिवासी क्षेत्रों और ब्लॉकों में आदिवासी आबादी की मौजूदा स्थिति का अध्ययन करने के लिए कहा था।

यह कदम 'स्वदेशी जनजातीय आस्था और संस्कृति विभाग द्वारा उनकी कला और संस्कृति के साथ-साथ पहचान की रक्षा और संरक्षण के लिए शुरू किया गया है। एक सवाल का जवाब देते हुए कि सरकार द्वारा आदिवासी बेल्ट और ब्लॉक के भीतर के क्षेत्रों से बेदखल लोगों के लिए क्या व्यवस्था की गई है, उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे अवैध लोगों के लिए कुछ नहीं करती है। डॉ मोमिन (Dr. Numal Momin) ने कहा, "उन्हें अपने खर्च पर अपने मूल निवास स्थान पर लौटना होगा।"