असम के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी (Jagdish Mukhi) ने गुवाहाटी में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास का कार्यालय (US Consulate General Office) खोले जाने की गुरुवार को वकालत की, ताकि यह पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की जरूरतें पूरी कर सके। उन्होंने शहर में अमेरिकी सूचना सेवा (यूएसआईएस) पुस्तकालय स्थापित करने का भी आह्वान किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल (Governor) ने कोलकाता में अमेरिकी महावाणिज्य दूत मेलिंडा पावेक के समक्ष उस वक्त यह अनुरोध रखा, जब दोनों यहां राजभवन में मिले। मुखी ने एच-1बी वीजा (H-1B Visa) के बारे में भी चर्चा की और दिशानिर्देशों पर दोबारा विचार करने के लिए महावाणिज्य दूत से सहयोग की मांग की।

उन्होंने कहा कि मौजूदा वीजा नियम पुराने हैं और इसके परिणामस्वरूप, ज्यादातर भारतीय कनाडा जा रहे हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, पावेक ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को संबंधित प्राधिकार के समक्ष उठाएंगी।

एच-1बी वीजा (H-1B Visa) एक गैर-अप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है जिनके लिए सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए इस पर निर्भर हैं।

इसमें कहा गया है कि मुखी और पावेक ने अर्थव्यवस्था से लेकर अमेरिका और असम के बीच संबंधों को बढ़ाने जैसे कई मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

वहीं दूसरी ओर असम पुलिस ने राज्य में मुसलमानों के कथित उत्पीड़न को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और आतंकी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) द्वारा संभावित आतंकी हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) की ओर से शनिवार को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि राज्य पुलिस की स्पेशल ब्रांच से प्राप्त रिपोर्ट के बाद अलर्ट जारी किया गया है।

सर्कुलर में कहा गया है कि आईएसआई (ISI) “आम नागरिकों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कैडरों, सैन्य क्षेत्र सहित असम व भारत के अन्य स्थानों” को लक्षित करने की टारगेट करने की योजना बना रहा है। वैश्विक आतंकी संगठनों की ओर से सामूहिक सभा, सामूहिक परिवहन, धार्मिक स्थलों आदि पर बमों और आईईडी विस्फोट करने की धमकी देने की बात कही जा रही है।