गुवाहाटी । दिल्‍ली दूर है कि अवधारणा को खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने आवागमन के क्षेत्र में बहुत सारे कदम उठाए हैं। इसमें एक नई कड़ी जुड़ने जा रही है। गुवाहाटी वासियों सहित समूचे पूर्वोत्तर के लिए दोहरी खुशी है कि एक तरफ रिट्स ने गुवाहाटी मेट्रो रेल परियोजना की गति को तेज कर दिया है तो दूसरी तरफ बुलेट ट्रेन गुवाहाटी से देश की राजधानी की दूरी को कम करने जा रही है। इस सपने को भारतीय रेल ने अपने राष्ट्रीय रेल मसौदा में लगा दिया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो गुवाहाटी से मात्र सात से आठ घंटे के सफर में दिल्‍ली पहुंचा जा सकेगा।

दरअसल, भारतीय रेल ने क्षमता संबंधी कमियों को दूर करने और देश के माल ढुलाई (फ्रेट) इकोसिस्टम में अपनी औसत हिस्सेदारी को बढ़ाने के प्रयास के तहत राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा पेश किया है। राष्ट्रीय रेल योजना नाम की इस दीर्घकालिक योजना को अवसंरचना संबंधी क्षमता को बढ़ाने तथा व्यापार की औसत हिस्सेदारी में वृद्धि करने की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया गया है, जिसके तहत गुवाहाटी और जम्मू सहित देश का प्राय: हर मुख्श हर हाई स्पीड ट्रेन से जुड़ेगा। 

इसके तहत एक न्यू बुलेट ट्रेन कोरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जो पटना से करिहार और न्यू जलपाईगुड़ी के रास्ते गुवाहाटी तक पहुंचेगा। ऐसा होने के बाद गुवाहाटी दिल्‍ली-आगरा-कानपुर-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कोरिडोर से स्वत: जुड़ जाएगा। वहीं नागपुर से वाराणसी के बीच भी हाई स्पीड ट्रेन लाइन बिछाने की एक योजना का भी प्रस्ताव दिया गया है। यह लाइन मुंबई-नासिक-नागपुर कोरिडोर को विस्तारित करेगा। ऐसा होने से यह लाइन वाराणसी को जोड़ते हुए दिल्‍ली-वाराणसी-पटना-गुवाहाटी कोरिडोर को जोड़ने का कार्य करेगा। 

दूसरी तरफ रिट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस लिमिटेड) ने गुवाहाटी मेट्रो रेल परियोजना को लेकर अपनी अंतिम (कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान एंड अल्टरनेटिंव एनालिसिस) रिपोर्ट को नगर विकास प्राधिकरण को सौंप दिया है। जीएमडीए अब इस रिपोर्ट को गुवाहाटी विकास विभाग को भेजेगा। इस परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) इस रिपोर्ट के आधार पर तैयार की जाएगी।

जीएमडीए के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि पहले सीएमपी और एए की रिपोर्ट नहीं थी। इस रिपोर्ट को प्राप्त करने के बाद एक स्पष्ट यातायात और संचार प्रणाली सामने आ गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर मेट्रो रेल लाइनों पर निर्णय आसानी से लिया जा सकता है।

मालूम हो कि फरवरी 2016 में राज्य सरकार नें मेट्रों रेल के लिए अधिसूचना जारी की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने खानापाड़ा मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी।

लेकिन मई, 2016 में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के मंत्रिमंडल ने 2017 में इस परियोजना की समीक्षा की और धारापुर-गुवाहाटी हवाई अड्डे और उत्तर गुवाहाटी-एम्स से जोड़ने के लिए अतिरिक मेट्रों कोरिडोर के लिए डीपीआर (चरण -1) बनाने का सुझाव दिया।