उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई (SPUNER ) और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक 37 वर्षीय असमिया महिला (human trafficking) को बचाया है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी में तस्करी कर लाया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस (Dibrugarh Rajdhani Express) से महिला को असम से दिल्ली ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने पर कर्मचारियों ने तुरंत एक टीम बनाई और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) के प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर पहुंचे।

इसके बाद विशेष टीम ने करीब एक घंटे तक रेलवे स्टेशन को खंगाला और आखिरकार राजधानी एक्सप्रेस के एसी टियर 3 से तस्करी (human trafficking) कर लाई महिला का पता लगाने में कामयाब रही। आगे की जांच में पता चला कि पीड़िता ने राजस्थान के एक व्यक्ति से व्हाट्सएप के माध्यम से दोस्ती की थी और वे नई दिल्ली के रास्ते राजस्थान जाने की योजना बना रहे थे। महिला को छुड़ाए जाने के बाद SPUNER के कर्मचारियों ने SHO और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के साथ चर्चा कर महिला को नारी निकेतन प्राधिकरण को सौंप दिया। SPUNER के कर्मचारियों ने पीड़िता के भाई को भी सूचित किया था जो दिल्ली पहुंचा और उसकी बहन से मिला।

आपको बता दें कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record Bureau) के अनुसार साल 2020 में असम में मानव तस्करी के 124 मामले सामने आए। राज्य के कोकराझार जिले के गांव से 15 साल की लड़की मीना राय (बदला हुआ नाम) को शादी का वादा करके बंगाल के सिलगुड़ी इलाके में बेच दिया गया। हालांकि चाइल्ड एक्टिविस्ट और पुलिस की मदद से मीना को रिहा करा लिया गया। जांच में पता चला कि असम के ही रहने वाले एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर लड़की से दोस्ती की और उसे झांसे में लेकर बेच दिया। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, साल 2018 में असम में मानव तस्करी के 308 केस दर्ज हुए, जो कि देश में महाराष्ट्र (311) के बाद सबसे ज्यादा थे।