असम बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं पर निर्णय जल्द लिया जाएगा। अभी तक बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित नहीं किया है। जबकि, सीबीएसई व आईसीएसई सहित कई राज्यों के बोर्ड  दसवीं एवं बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर चुके हैं। 

इससे पहले सूबे के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू का कहना था कि हम बहुत जल्द एचएसएलसी और एचएस परीक्षाओं के संबंध में निर्णय लेंगे। हमने सभी हितधारकों की राय ली है। राय लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कहा जा रहा है कि सीबीएसई की तरफ से बारहवीं कक्षा के रिजल्ट की मूल्यांकन मानदंड की घोषणा के बाद असम हायर सेकंडरी एजुकेशन काउंसिल 12वीं परीक्षा पर फैसला ले सकती है। इस बात की घोषणा सूबे के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की है।

उनका कहना है कि परीक्षाओं को लेकर कोई भी निर्णय सभी हितधारकों से परामर्श के बाद लिया जाएगा क्योंकि यह छात्रों के भविष्य का सवाल है। सीबीएसई की तरफ से बारहवीं के छात्रों के लिए मार्किंग मानदंड की घोषणा के बाद ही सूबे के दसवीं व बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं पर निर्णय लिया जाएगा।

इससे पहले शिक्षा मंत्री का कहना था कि सूबे में दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। असम सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर बारहवीं की परीक्षा केवल तीन विषयों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री का कहना था कि हमारी उच्च माध्यमिक परीक्षाएं निश्चित रूप से होंगी, जिनकी तारीख हमें तय करना है। सीबीएसई ने अपनी 10 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है, लेकिन असम बोर्ड दसवीं की परीक्षा को रद्द नहीं कर सकता है। लेकिन, अब माना जा रहा है कि जल्द ही असम बोर्ड भी दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर सकता है।

दरअसल, जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। उसके बाद से सभी राज्यों के बोर्ड पर बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने का दबाव बढ़ गया है। हरियाणा, मध्यप्रदेश और गुजरात सहित करीब आठ से ज्यादा बोर्ड बारहवीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर चुके हैं।