असम के गोलाघाट जिले में चोरी के शक में दो नाबालिगों सहित तीन लड़कों की कथित पिटाई के मामले में यहां स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर के जवानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जवानों को तीनों सदिग्धों पर मोटर पम्प चोरी करने का संदेह था जो बाद में मिल गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना तीन जून की है जब उरियामघाट स्थित 142 कैंप के सीआरपीएफ जवानों ने तीनों लड़कों को पानी का मोटर पम्प चोरी करने के संदेह में कथित तौर पर पकड़ लिया था। हालांकि बाद में वह मोटर पम्प मिल गया था।

उन्होंने बताया, ‘तीन लड़के बहुत गरीब परिवार से हैं और उन्हें पूरी रात कथित तौर पर पीटा गया और अगली सुबह हमें सौंपा गया। हम उन्हें जांच के लिए सुराथपुर सिविल अस्पताल ले गए और बाद में बिना प्रथमिकी दर्ज किए उन्हें जाने दिया।’ अधिकारी ने बताया कि तीनों पीड़ितों की पहचान जान गोगोई(15),पवित्र गोगोई (16) और मिंटू अहमद (18) के तौर पर की गई है। हालांकि, कुछ दिन बाद तीनों ने दर्द की शिकायत की और उनके माता-पिता उन्हें इलाज के लिए दोबारा अस्पताल ले गए।

अधिकारी ने बताया, ‘आठ जून को मिंटू अहमद की मां ने उरियामघाट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें उसने कहा कि उसके बेटे और दो और अन्य लड़कों को सीआरपीएफ के जवानों ने बर्बरता से पीटा है। हमने प्राथमिकी दर्ज की ली है और जांच जारी है।’ उन्होंने कहा कि संबंधित सीआरपीएफ जवानों को पुलिस के समक्ष पेश होने को कहा गया था लेकिन अब तक उनमें से कोई उपस्थित नहीं हुआ है। अधिकारी ने कहा, ‘हम इस मामले को सीआरपीएफ के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठा रहे हैं।