असम में 2019 में हुए मॉब-लिचिंग मामले में नया मोड़ आया है। जोरहाट जिला एवं संत्र न्यायाधीश ने जिले के तेओक टी एस्टेट में एक अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी की लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या) मामले में सोमवार को 25 लोगों को दोषी ठहराया गया है।

इस मामले पर जोरहाट के जिला और सत्र न्यायाधीश, रॉबिन फुकान ने फैसला सुनाते हुए विभिन्न धाराओं में 25 लोगों को दोषी ठहराया गया है।

हांलाकि सुनवाई के दौरान एक आरोपी की हिरासत में मौत हो गई थी। अदालती सूत्रों ने बताया कि सजा 19 अक्टूबर को सुनाई जायेगी। 

आपको बता दे कि यह घटना 31 अगस्त, 2019 को उस समय हुई थी जब वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी देबन दत्ता (73) पर भीड़ ने हमला कर दिया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गये और बाद में उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल कार्यवाही जारी है।