पूर्वोत्तर राज्य असम में कोरोना के मामले (Corona cases in Assam) तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच असम में मंगलवार को कोरोना के सर्वाधिक 8072 मामले सामने आए हैं। ऐसे में कुल संक्रिमतों का आंकड़ा बढक़र 6,61,789 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत (Health Minister Keshab Mahant) ने कहा कि बीमारी के कारण मंगलवार को 16 और मौतें हुईं, जो पिछले दिन के आंकड़े से पांच अधिक हैं, जिससे मरने वालों की संख्या 6,233 हो गई। इससे पहले एक दिन में सर्वाधिक मामले सोमवार को दर्ज किए गए थे, जो कि 6,982 थे। महंत ने कहा कि मंगलवार को कुल 63,944 कोरोना टेस्ट (Corona test in Assam) किए गए थे। ऐसे में राज्य में सकारात्मक दर 10.75 प्रतिशत से बढक़र 12.62 प्रतिशत हो गई है।

महंत ने कहा कि गुवाहाटी शहर में कोरोना (Corona cases in Guwahati) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यहां एक दिन में 1996 मामले दर्ज किए। यहां सोमवार को 1491 मामले सामने आए थे। वहीं अन्य जिलों की बात करें तो डिब्रूढ़ में 551, कछार में 474 और जोरहाट (Corona cases in Jorhat) में 470 मामले दर्ज किए गए। वहीं कछार में छह, गोलाघाट और कामरूप मेट्रोपॉलिटन में दो-दो, और डिब्रूगढ़, जोरहाट, नलबाड़ी, शिवसागर, तिनसुकिया और सोनितपुर जिलों से एक-एक व्यक्ति की मौत (Death To corona in Assam) हुई। राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या सोमवार को 23,948 से बढक़र 29,560 हो गई। मंगलवार को बीमारी से कुल 2,444 मरीज ठीक हुए, जिससे ठीक होने वालों की कुल संख्या 6,24,649 हो गई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने बताया कि राज्य में 4 करोड़ वैक्सीनेशन (4 crore vaccinations) का लक्ष्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें वैक्सीनेशन की पूरी संख्या दी गई है। इसके अनुसार राज्य में अभी तक कुल 4,00,22,217 टीके दिए जा चुके हैं। इनमें से 2,29,02,926 को पहली खुराक  और 1,70,62,917 को दूसरी खुराक दी गई है। इसके अलावा 56,374 को बूस्टर डोज मुहैया कराई गई है। वहीं असम ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक रात के कर्फ्यू (night curfew) सहित अन्य कुछ पाबंदियां लगाई हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वैक्सीन नहीं लेने वालों को सार्वजिनक परिसरों जैसे बाजार, सार्वजनिक स्थल, शॉपिंग मॉल आदि में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जाएगा। हालांकि सोमवार को केंद्र ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति टीकाकरण के लिए स्वैच्छिक है, लेकिन अनिवार्य नहीं है।