पुरी दुनिया में महामारी ने तहलका मचा रखा है। बिना शोर किए ही एक रहस्यमय आंतक फल रहा है। कोरोना वायरस यानी कोविड-19 जिसने सभी इंसानों को घरों में कैद कर लिया है। दुनिया की सारी चहल-पहल थम सी गई है। इसी तरह से एक वायरस आ गया है जो सिर्फ  इंसानों को नहीं बल्कि सुअरों को अपना शिकार बनाता हैँ। एक रहस्यमय वायरस ने पिछले कुछ दिनों से छह जिलों में 1,900 से अधिक सूअरों को मार डाला है।




राज्य सरकार को सूअर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के के साथ साथ प्रभावित क्षेत्रों को वायरस के प्रसार की जांच के लिए नियंत्रण क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि हमें सुअरों की अप्राकृतिक मौतों की रिपोर्ट मिली, हमने डॉक्टरों की टीमों को प्रत्येक प्रभावित जिले में भेजा और जैव सुरक्षा स्तर प्रयोगशाला में प्रयोग के आदेश दिए।

रिपोर्टों से मौतों के वास्तविक कारण की पहचान करने में सक्षम नहीं हैं। संदेह है कि यह एक विदेशी वायरस के कारण हो सकता है। कृषि मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राज्य सरकार ने सूअर और सुअर के मांस की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी के साथ यह असम में स्वाइन फ्लू का मौसम है और हमने पशुओं का टीकाकरण किया है।


जानकारी दे दे कि शिवसागर में, 1128 सूअर मारे गए हैं और धेमाजी में 616 और डिब्रूगढ़ जिले में 107। बाकी तीन जिलों में मौत हुई है। इसलिए पहले ही इन क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। कृषि मंत्री ने कहा कि हम नहीं चाहते कि बीमारी फैले। तो, इन छह जिलों को कंस्ट्रक्शन ज़ोन के रूप में घोषित कर दिया गया है और जो लोग सूअरों के संपर्क में हैं, उनके ठहरने की जगह से बाहर जाने पर रोक लगा दी है।