कुछ दिन पहले ब्रिटेन से असम आए एक यात्री को कोविड-19 से संक्रमित पाया गया और उसके नमूनों को राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी), पुणे भेजा गया है ताकि पता लगाया जा सके कि मरीज कहीं कोरोना वायरस के नये प्रकार से संक्रमित तो नही है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि ब्रिटेन में कोविड-19 के नये प्रकार और उसके अधिक संक्रामक होने के बारे में पता चलने पर उत्पन्न चिंता के बीच हाल ही में राज्य में लौटे उस व्यक्ति को यहां गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

मंत्री ने कहा, "मरीज के नमूनों को एनआईवी, पुणे को यह पता लगाने के लिए भेजा गया है कि व्यक्ति कहीं कोरोना वायरस के नए प्रकार से संक्रमित तो नही है। हम रिपोर्ट मिलने के बाद ही विवरण प्रदान कर पाएंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार राज्य में बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए नए सिरे से लॉकडाउन लागू करेगी, तो सरमा ने कहा कि ऐसा कोई उपाय करने की संभावना नहीं है क्योंकि संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 100 से कम हो गई है। 

सरमा ने कहा, "अब हम 1 जनवरी से स्कूलों और कॉलेजों को फिर से खोलने के साथ एक नियमित और सामान्य जनजीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।" असम में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 95 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमण के कुल मामले 2,15,755 हो गए और अब तक 1,033 लोगों की बीमारी के कारण जान जा चुकी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या 3,456 है, जबकि 2,11,283 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। मुख्य सचिव जिष्णु बरूआ ने बृहस्पतिवार को नए कोविड-19 दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसके अनुसार, क्रिसमस और नव वर्ष के जश्न के दौरान बडे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।