कोरोना सभी जहगों पर कहर बरपा रहा है। इसी के साथ सारी दुनिया में कोरोना के 4 करोड़ लोग शिकार हो चुके है। कम से कम 5 लाख से ज्यादा लोग कोरोना के कारण मौत के मुंह में जा चुके हैं। अभी भी इसका सिलसिला जारी है। इसी तरह से कोरोना से लोगों को बचाने वाले डॉक्टरों और चिकित्सक को कोरोना फायटर का नाम दिया गया है। ये अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को कोरोना से मुक्ती दिलाने का काम कर रहे हैं।


इसी तरह से देश में COVID-19 महामारी की चपेट में आने के बाद डॉक्टर अपनी ड्यूटी लगातार कर रहे हैं। कुछ डॉक्टरों ने अपना जीवन बचाने के लिए अपना सौ फीसदी दे रहे हैं और कई डॉक्टरों ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भी COVID -19 के आगे घुटने टेक दिए हैं। असम में कोरोना फायटर को लेकर एक खुलासा हुआ है कि इस संकट के समय में कुछ डॉक्टर बिना वेतन के काम कर रहे हैं।


असम मेडिकल कॉलेज (AMCH) और अस्पताल डिब्रूगढ़ के डॉक्टर प्रत्युष महंता ने एक ट्वीट में कहा कि उन्हें 89 दिनों के लिए अपने वेतन का भुगतान नहीं किया गया था। छात्रावासों को खाली करने के नोटिस की एक तस्वीर के साथ, AMCH डॉक्टर ने लिखा कि 89 दिन के बिना वेतन के साथ अब हमारे हॉस्टल को खाली करने का नोटिस जारी किया है। AMCH डॉक्टर ने अपने ट्वीट में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारियों को भी टैग किया।