असम के राजनीति खेमें में जोरदार घमासान मच गया है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच "सांप्रदायिक जंग" शुरू होती नजर आ रही है। कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक (MP Abdul Khaleque) ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) के खिलाफ कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के लिए दिसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।



जानकारी दे दें कि 10 दिसंबर को मोरीगांव जिले में मुख्यमंत्री सरमा (CM Himanta) के भाषण के एक हिस्से का जिक्र करते हुए, जहां उन्होंने गोरुखुटी निष्कासन अभ्यास को 1983 की घटनाओं के लिए "बदला लेने की कार्रवाई" के रूप में वर्णित किया, खलीक ने मुख्यमंत्री सरमा पर "सांप्रदायिक रंग" देने का आरोप लगाया है।
बता दें कि असम सरकार ने सितंबर में सैकड़ों मुस्लिम परिवारों के खिलाफ दारांग जिले के सिपाझार पुलिस थाने के तहत गोरखुटी इलाके के ढालपुर में बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान चलाया था। बेदखली अभियान (eviction drive) के दौरान पुलिस फायरिंग में एक 12 वर्षीय लड़के सहित दो लोगों की मौत हो गई।
अपनी शिकायत में, खलीक (Abdul Khaleque) ने कथित तौर पर कहा कि बेदखली अभियान में "क्रूर हत्याओं" के साथ-साथ घरों को "जमीन पर जला दिया गया" देखा गया था।
"इस तरह के जघन्य कृत्यों को प्रतिशोध कहकर, श्री हिमंता बिस्वा सरमा ने न केवल वहां की गई हत्याओं और आगजनी को उचित ठहराया है, जिसकी वैधता गौहाटी उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, बल्कि उन्होंने बहुत आगे बढ़कर पूरी प्रक्रिया को सांप्रदायिक बना दिया है - जिसका लक्ष्य वहां रहने वाली मुस्लिम आबादी थी, ”।