असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। चुनाव के बाद महागठबंधन सत्ता तक पहुंचता है तो सभी दलों के साथ चर्चा के बाद तय किया जाएगा। पर पार्टी की चुनाव रणनीति लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के इर्दगिर्द रहेगी, ताकि भविष्य में उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया जा सके।

पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के निधन के बाद कांग्रेस के पास कोई बड़ा नेता नहीं है। नए नेता के नाम पर पार्टी के अंतर गंभीर मतभेद हैं। इसलिए, पार्टी चुनाव में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि मौजूदा स्थिति में पार्टी को एकजुट होकर चुनाव लड़ना है, तो बिना चेहरे के लड़ना होगा।

असम से जुड़े एआईसीसी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि असम में गौरव गोगोई के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। गौरव गोगोई की अकेले ऐसे नेता है, जो असम के सभी भागों में असर रखते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और अपने पिता तरुण गोगोई के निधन के बाद गौरव गोगोई ने प्रदेश के सभी जिलों का दौरा कर सभाएं भी की हैं।

पार्टी नेता ने कहा कि चुनाव से पहले गौरव गोगोई को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से असम कांग्रेस के अंदर गुटबाजी बढ जाएगी। इससे पार्टी को चुनाव में नुकसान होगा। इसलिए, पार्टी उन्हें उम्मीदवार घोषित करने से परहेज करेगी, पर चुनाव प्रचार में उन्हें अहमियत देकर लोगों को संकेत जरुर देगी। 

कांग्रेस को उम्मीद है कि भाजपा के तमाम दावों के बावजूद महागठबंधन सत्ता की दहलीज तक पहुंच सकता है। इसके लिए वह दूसरे छोटे दलों को भी गठबंधन में शामिल करने की तैयारी कर रहा है, ताकि भाजपा और गठबंधन में सीधा मुकाबला हो। पार्टी नेता ने कहा कि मुकाबला त्रिकोणीय होता है, तो इसका फायदा भाजपा को मिलेगा।