कांग्रेस (Congress) ने असम (Assam) में पांच सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव (By-election) के प्रचार में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने और मतदाताओं को प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मंगलवार को यहां चुनाव आयोग से मिलकर इस बारे में शिकायत की और मुख्यमंत्री के प्रचार करने पर रोक लगाने तथा मामला दर्ज करने की मांग की।

आयोग को सौपे एक ज्ञापन में कांग्रेस (congress) ने मुख्यमंत्री पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के साथ ही प्रलोभन देने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। पार्टी के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह (Assam in-charge Jitendra Singh) के नेतृत्व में आयोग पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कुछ वीडियो का भी हवाला दिया और सेक्शन 123, रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट में घूसखोरी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। आयोग से मिल कर बाहर निकलते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की ओर से पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने मीडिया से कहा कि असम में प्रजातंत्र को रौंदा जा रहा है, संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है, पद का दुरुपयोग किया जा रहा है, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए भ्रष्टाचार एवं प्रलोभन का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) द्वारा किया जा रहा है। इसके बारे में हमने चुनाव आयोग से शिकायत की है। 

उन्होंने कहा कि 2 अप्रैल 2021 को भी चुनाव आयोग ने कदाचार के मामले में सरमा के चुनाव प्रचार पर रोक लगाया था। हमने मांग की है कि मुकदमा दर्ज किया जाए, उनको चुनाव प्रचार से रोका जाए क्योंकि उन्हें आचार संहिता का उल्लंघन (Code of Conduct violation) करने की आदत हो चुकी है। चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी और कहा कि सरमा (sarma) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। चुनाव आयोग (election Commission) ने आश्वासन दिया कि जवाब मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि असम का प्रशासन और पुलिस भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। नेताओं को डराया जा रहा है, जनता को डराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी सभाओं से सडक़ निर्माण के आदेश दिए जा रहे हैं, लोगों को चावल-धान आवंटित किया जा रहा है। कॉलेज निर्माण की घोषणा की जा रही है। 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आयोग ने हमारी बात सुनी और सारे साक्ष्य-तथ्य देखे। हमने सारे वीडियो भी आयोग के सामने रख दिए। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि जो चुनाव अधिकारी असम में हैं, उन्हें 21 तारीख से लगातार शिकायतें दी जा रही हैं। जब उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब आयोग का दरवाजा खटखटाया गया। बता दें कि असम में पांच विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिये 30 अक्तूबर को मतदान होना है।