असम की सत्ता में कांग्रेस की वापसी के मिशन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस भी पूरी तरह शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए सीनियर आब्जर्वर बनाया है। अब मुख्यमंत्री ने अपने तीन सलाहकारों को असम के चुनावी मोर्चे पर तैनात कर दिया है। तीनों सलाहकार असम के प्रभारी सचिव और छत्तीसगढ़ के संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के साथ बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रबंधन का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और असम प्रभारी विकास उपाध्याय अपने दो दर्जन सहयोगियों के साथ असम में जमे हुए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने चार में से तीन सलाहकारों विनोद वर्मा, रुचिर गर्ग और राजेश तिवारी के साथ सुरेंद्र शर्मा और अरुण भद्रा को वहां भेज दिया है। इन नेताओं ने 29 और 30 जनवरी गुवाहाटी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दो दिन का प्रशिक्षण दिया है। अब वे बूथ कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने ग्रामीण क्षेत्रों की ओर निकले हैं।

संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बताया, आज उनके प्रभार वाले शिवसागर जिले के थरवा विधानसभा क्षेत्र के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण हुआ। इसमें 145 बूथ कमेटियों के कार्यकर्ता शामिल थे। विकास उपाध्याय ने बताया, यह प्रशिक्षण असम के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर दिया जाना है। उनका कहना था, इन्हीं कार्यकर्ताओं के जरिये हम भाजपा की नाकामियों को मतदाता तक पहुंचाएंगे। उन्हें बताएंगे कि सत्ता के लिए भाजपा ने जो घोषणा पत्र जारी किया था वह उसे पूरा नहीं कर सकी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रचार के परंपरागत तरीकों से लेकर सोशल मीडिया और प्रेस माध्यमों के उपयोग की तकनीक समझाई गई। नेताओं ने बताया, उन्हें चुनाव आचार संहिता लगने से पहले ही वॉल राइटिंग आदि शुरू कर देना चाहिए। वह आचार संहिता के बाद हुआ तो उसका खर्च प्रत्याशी को वहन करना पड़ेगा। वह भारी पड़ सकता है। अभी यह काम हो गया तो चुनाव होने तक संदेश लोगों तक पहुंच जाएगा। बूथ कांग्रेस समर्थक वोटों को सहेजे रखने और एक-एक व्यक्ति से लगातार संपर्क बनाए रखने की बात कही गई।

बताया जा रहा है, असम चुनाव की रणनीति पर खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी नजर रखे हुए हैं। वे जिम्मेदार नेताओं से लगातार बात कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ उनकी इस मुद्दे पर कई दौर की बात हो चुकी है। उन्हीं के कहने पर मुख्यमंत्री ने अपने सलाहकारों और प्रशिक्षण टीम को असम भेजा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के ये नेता पिछले साल उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक दल को भी प्रशिक्षण दे चुके हैं।