असम के कांग्रेस विधायकों ने गुरुवार को सर्वसम्मति से देवव्रत सैकिया को नई विधानसभा के लिए विधायक दल का नेता चुना है। सैकिया पिछली विधानसभा में भी विपक्ष के नेता और साथ ही कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता थे। असम विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा कि पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन को सीएलपी के उपनेता के रूप में चुना गया है।

असम के दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत हितेश्वर सैकिया के बेटे, देबब्रत सैकिया (56) पिछली विधानसभा में सीएलपी और विपक्ष के नेता भी थे, वे इस बार भी नजीरा विधानसभा सीट से चुने गए हैं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार मयूर बोरगोहेन को 683 मतों के मामूली अंतर से हराया। 2016 चुनाव में वे बीजेपी के प्रहलाद गोवाला को 14 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर विधानसभा पहुंचे थे। 

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने पत्र में कहा गया है कि वाजिद अली चौधरी को मुख्य सचेतक चुना गया, जबकि कमलाख्या डे पुरकायस्थ उनके डिप्टी होंगे। सीएलपी के सचिव रूपज्योति कुर्मी होंगे जबकि प्रवक्ता पद सुशांत बोरगोहेन के पास होगा। बोरा ने कहा कि रेकीबुद्दीन अहमद सीएलपी के कोषाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे।

सैकिया साल 1992-93 में असम प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के महासचिव बने और प्रदेश में पार्टी का विस्तार करने के लिए स्व-नियोजित समीक्षा समिति की स्थापना की। वे 1993 से 1996 तक असम प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। कांग्रेस ने साल 1994 में उन्हें विचार विभाग का राज्य संयोजक नियुक्त किया था। उन्होंने 1995-96 में उत्तर पूर्व कांग्रेस सेवा दल के संयोजक के रूप में भी कार्य किया है। वे पहली बार साल 2011 में नजीरा विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने।