असम के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्व सरमा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस कश्मीर में ‘खतरनाक’ अलगाववाद की राजनीति कर रही है और दूसरी ओर असम में उसका ‘एजेंडा साम्प्रदायिक’ है जो देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचा सकता है। 

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्षों से कहा कि वे अलगाववाद और साम्प्रदायिकता पर अपना रुख स्पष्ट करें। यहा संवाददाता सम्मेलन में सरमा ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में गुपकार गैंग के साथ कांग्रेस का गठजोड़ और असम में एआईयूडीएफ के साथ उसका गठबंधन खतरनाक है और यह पार्टी के संदेहास्पद एजेंडे को दर्शाता है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती नीत गुपकार गैंग भाजपा द्वारा समाप्त किए गए अनुच्छेदों 370 और 35(ए) की वापसी चाहता है और सभी जानते हैं कि उनके संबंध अलगाववादियों के साथ हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अनुच्छेद 370 और 35(ए) की वापसी नहीं होने देगी और असम में कांग्रेस के साम्प्रदायिक एजेंडे को विफल करेगी।