राज्य पार्टी अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने असम में विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है, जिन पर उपचुनाव होंगे। चुनाव इस साल के अंत तक होने की संभावना है।

बोरा ने कहा कि पार्टी इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सहयोगियों को दी गई सीटों में खोई जमीन फिर से हासिल करना चाहती है। पांच विधानसभा सीटें अब विधायकों की मौत और इस्तीफे के कारण खाली पड़ी हैं जबकि एक अन्य विधायक जो केंद्रीय मंत्री बने हैं। उन्होंने अभी तक सदन की सदस्यता नहीं छोड़ी है।

बोरा ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा कि“गठबंधन के कारण, हमारा संगठन बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) जैसे कई क्षेत्रों में कमजोर हो गया। हमारे कार्यकर्ता उन निर्वाचन क्षेत्रों में डिमोटिवेट हो गए जहां हमने चुनाव नहीं लड़ा था। हमें उन सीटों को मजबूत करने की जरूरत है ”। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जमीनी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस अकेले उपचुनाव लड़ेगी।

जानकारी के लिए बता दें कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा में छह सीटों मरियानी, थौरा, भबनीपुर, तामूलपुर, गोसाईगांव और माजुली पर उपचुनाव होंगे। कांग्रेस के दो और एआईयूडीएफ के एक विधायक ने भाजपा में शामिल होकर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है।

यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के एक-एक विधायक का निधन हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के इस्तीफा देने के बाद छठी सीट खाली होने की संभावना है क्योंकि वह एक मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं।