असम में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक खेमों में घमासान चल रहा है। जैसे जैसे चुनाव का महीना पास आता जा रहा है वैसे वैसे राजनीतिक पार्टियों का तापमान बढ़ता जा रहा है। हर पार्टी ने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है। पूरे असम में पार्टियों, विशेषकर कांग्रेस और भाजपा के साथ मतदाताओं को लुभाने के लिए गहन अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस ने किसी तरह से अपना काम पूरा करने में कामयाबी हासिल की है।


पार्टी का सबसे प्रभावशाली चुनाव प्रचार में अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा से एक संकेत लेते हुए, कांग्रेस ने अपने शीर्ष राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं को असम में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने का फैसला किया है। बता दें कि 14 फरवरी को, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम का दौरा किया था, जहां उन्होंने शिवसागर में एक विशाल सभा को संबोधित किया था। राहुल गांधी ने केंद्र और असम में भाजपा की अगुवाई वाली सरकारों पर तीखा हमला किया था।


अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी भी असम जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रियंका गांधी के 24 फरवरी को असम आने की संभावना है। प्रियंका गांधी असम के तेजपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में असम में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर कई कोयला दलाली और गाय के नाम पर वोट मांगने वाली बीजेपी पर गाय तस्करी जैसे कई आरोप लगाएं हैं।