गैर सरकारी संगठन असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) ने राज्य के पूर्व एनआरसी संयोजक प्रतीक हजेला और अन्य के विरुद्ध राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के आरोप में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) में शिकायत दर्ज कराई है। हजेला, असम मेघालय कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट में एपीडब्ल्यू द्वारा याचिका दायर करने के बाद एनआरसी को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया था। शिकायत के अनुसार, हजेला व उनके नजदीकी सहयोगियों ने प्रवासी पृष्ठभूमि वाले कुछ अधिकारियों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों, कुछ अल्पसंख्यक नेताओं और कुछ राष्ट्र विरोधी तत्वों के साथ मिलकर परिवार वृक्ष सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ी कर अद्यतन एनआरसी में अवैध प्रवासियों का नाम जोड़ा। 

एपीडब्ल्यू के अध्यक्ष अभिजीत सरमा ने राज्य सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक के पास शिकायत दर्ज कराई है। सरमा ने बुधवार को कहा कि वर्तमान एनआरसी संयोजक ने सुप्रीम कोर्ट और गुवाहाटी हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि एनआरसी में गड़बड़ी हुई है। लगभग 40% नाम अवैध रूप से रहने वाले और संदेहास्पद लोगों के हैं।

एनआरसी, असम में रहने वाले वास्तविक भारतीय नागरिकों का आधिकारिक दस्तावेज है और इसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अपडेट कर 31 अगस्त 2019 को जारी किया गया था। अद्यतन एनआरसी में 19 लाख से ज्यादा आवेदनकर्ताओं के नाम दर्ज नहीं थे। हालांकि, इसे अभी तक भारत के महारजिस्ट्रार ने अधिसूचित नहीं किया है।