असम में मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, राज्य में 25 फीसदी से ज्यादा अल्पसंख्यकों की जनसंख्या बढ़ी है। बढ़ती आबादी को लेकर भाजपा सरकार चिंतित है। दो बच्चों की नीति लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा लगातार बुद्धिजीवियों और नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में अलाप-अलोचना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुद्धिजीवियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आयोजित संवाद सत्र 'अलाप-अलोचना एम्पावरिंग द रिलिजियस माइनॉरिटीज' कार्यक्रम में सीएम हेमंत सरमा शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य में दो बच्चे की नीति को लेकर अल्पसंख्यक धार्मिक नेताओं से बातचीत की। सरमा ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस समुदाय के हित के लिए ध्यान देने की आवश्यकता है।

बीते दिनों असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा था कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों की आबादी की वृद्धि कम करने के लिए विशेष नीतिगत कदम उठाएगी, जिसका लक्ष्य गरीबी और निरक्षरता का उन्मूलन करना है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी माताओं और बहनों की भलाई के लिए है और इससे भी ऊपर समुदाय के कल्याण के लिए है।

इस बैठक के दौरान मुस्लिम बुद्धिजीवियों को आठ ग्रुप में बांटा गया है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार नियोजन, मुस्लिम महिलाओं के वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्र में काम कर रहे हैं। ये सभी जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूक करेंगे। 

असम में मुसलमानों की आबादी 30 फीसद से ज्यादा है। साल 2001 की जनगणना के अनुसार, असम में हिंदू आबादी पिछले दशक में  16% की दर से बढ़ी और 2011 की जनगणना में 10 फीसद तक गिर गई, राज्य की मुस्लिम आबादी में लगातार 29 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि सरकार ने हाल में एलान किया था कि दो बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को खास योजनाओं के तहत लाभ दिया जाएगा।