असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को कहा कि मिजोरम के साथ अंतरराज्यीय सीमा पर स्थिति फिलहाल ‘नाजुक’ है और पड़ोसी राज्य के साथ विवादों को सुलझाने में कुछ समय लगेगा। सरमा ने हालांकि, उम्मीद जतायी कि मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के साथ सीमा विवादों को हल करने में कुछ प्रगति होगी जब वह 23 जुलाई को शिलांग में पूर्वोत्तर क्षेत्र के इन राज्यों के अपने समकक्षों से मिलेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उस दिन होने वाली नॉर्थ ईस्ट स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (एनईएसएसी) की बैठक में क्षेत्र के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। एनईएसएसी अंतरिक्ष विभाग और उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) की एक संयुक्त पहल है जो उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करके क्षेत्र के विकास को बढ़ाने के लिए है।

सरमा ने कहा कि वह बातचीत के दौरान मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के साथ सीमा विवाद को सुलझाने में कुछ प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक नागालैंड के साथ सीमा विवाद का सवाल है तो मामला अदालत में है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि मिजोरम के साथ स्थिति अनुकूल नहीं है। स्थिति नाजुक है। मिजोरम के साथ इसमें कुछ समय लगेगा।’’

असम के कछार और हैलाकांडी जिलों में मिजोरम के साथ लगती अंतर-राज्यीय सीमा पर तनाव पिछले कुछ दिनों से सीमा पार से उपद्रवियों द्वारा कथित रूप से अतिक्रमण की गई भूमि को खाली कराने के असम पुलिस के अभियान को लेकर बढ़ रहा है। गत 10 जुलाई को सीमा का दौरा करने वाले असम सरकार के एक दल पर संदिग्ध बदमाशों द्वारा एक आईईडी फेंका गया था, जबकि 11 जुलाई तड़के सीमा पार से एक के बाद एक दो विस्फोटों की आवाज सुनी गई थी।

इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले नयी दिल्ली में मुख्य सचिवों और डीजीपी समेत दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी।