असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से यहां संघ मुख्यालय में मुलाकात की। एक महीने पहले असम का मुख्यमंत्री बनने के बाद सरमा का आरएसएस मुख्यालय का यह पहला दौरा है। संघ के सूत्रों के अनुसार सरमा ने आरएसएस मुख्यालय में एक घंटे से अधिक समय बिताया। सरमा भागवत से मिले। हालांकि बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं साझा की गई है। 

उल्‍लेखनीय है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बृहस्पतिवार को गरीबी कम करने और जनसंख्या नियंत्रण के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से उचित परिवार नियोजन की नीति अपनाने की गुजारिश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समुदाय में गरीबी कम करने में मदद के लिए सभी पक्षकारों को आगे आना चाहिए और सरकार का समर्थन करना चाहिए। उन्‍होंने आगे कहा कि गरीबी की वजह जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि है। सरकार सभी गरीब लोगों की संरक्षक है। सरकार को जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे से निपटने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के सहयोग की दरकार है।

सरमा ने कहा कि राज्‍य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को शिक्षित करने का काम करेगी ताकि इस समस्या से प्रभावी रूप से निपटा जा सके। सरकार मंदिर, सत्रों और वन भूमि का अतिक्रमण नहीं करने दे सकती है। मुख्यमंत्री ने समुदाय के नेताओं से आत्मावलोकन करने और लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया। अब इस बयान को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ एवं अल्पसंख्यक छात्र निकाय ने हिमंत बिस्व सरमा की टिप्पणी को शुक्रवार को दुर्भाग्यपूर्ण, तुच्छ और भ्रामक करार दिया।