असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने लखीमपुर के निमाती घाट फेरी हादसे के शिकार इंद्रेश्वर बोरा के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की है। मुख्यमंत्री (CM Himanta) पहुमोरा कंडुवा पोथर गांव स्थित मृतक के आवास पर पहुंचे। इंद्रेश्वर बोरा और उनकी पत्नी मा कमला नाम के सिंगल इंजन फेरी के यात्री थे, जो 8 सितंबर को एसबी टिकीराय ​​नामक एक और डबल इंजन फेरी के साथ फेरी की टक्कर के बाद ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra) में डूब गई थी।


इस दुखद नौका दुर्घटना (boat accident) के दौरान, इंद्रेश्वर बोरा अपनी पत्नी और नौका के अन्य यात्रियों को बचाने के लिए कामयाब रहे। फिर वह ब्रह्मपुत्र में लापता हो गए। उनका शव विश्वनाथ घाट क्षेत्र के अंतर्गत भासा टापू नामक स्थान पर ब्रह्मपुत्र के किनारे पर बरामद किया गया था और उसी दिन उनके घर परिसर में अंतिम संस्कार किया गया था।


मुख्यमंत्री (CM Himanta) ने उनके पिता प्रभात बोरा और पत्नी रूपरेखा सेनापोती बोरा से मुलाकात करते हुए इन्द्रेश्वर बोरा के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। गुवाहाटी विकास, शहरी विकास और सिंचाई मामलों के मंत्री अशोक सिंघल (Ashok Singhal) ने भी लखीमपुर विधायक मनब डेका (Lakhimpur MLA Manab Deka) के साथ परिवार से मुलाकात की।


मुख्यमंत्री (CM Himanta) ने कहा कि " राज्य सरकार परिवार को मुआवजा देने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इंद्रेश्वर बोरा की पत्नी रूपरेखा सेनापोती बोरा को सरकारी नौकरी दी जाएगी "। मुख्यमंत्री ने कहा कि "इस संबंध में जल्द ही विस्तृत जानकारी का खुलासा किया जाएगा। राज्य सरकार ने निमाती घाट नौका दुर्घटना जैसी दुखद घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं "।