गृहराज्य मंत्री किशन रेड्डी ने संसद को सूचित किया है कि क्लॉज 6 रिपोर्ट एक उच्च द्वारा प्रस्तुत की गई है, पावर कमेटी असम सरकार की 'परीक्षा' के तहत है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बीके शर्मा की अध्यक्षता में असम समझौते के खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए उच्च स्तरीय समिति ने असम सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें सिफारिशों की जांच की जा रही है। उच्च-शक्ति खंड 6 पैनल ने असम सरकार को इन सिफारिशों को प्रस्तुत किए हुए अब एक साल से अधिक समय हो गया है।


सिफारिशों को असम सरकार द्वारा बिना जांच किए सीधे केंद्र को सौंप दिया जाना था। वैसे तो खत्म होने के बाद भी एक साल के क्लॉज 6 की रिपोर्ट को दिल्ली के गलियारों तक पहुंचना बाकी है। असम समझौते के खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए उच्च शक्ति समिति ने फरवरी 2020 में राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले साल सितंबर में जानकारी दी थी कि गृह मंत्री अमित शाह चाहते हैं कि रिपोर्ट की जांच असम सरकार द्वारा की जाए क्योंकि सिफारिशों के लिए संवैधानिक और कानूनी बदलाव की आवश्यकता है।