असम (Assam) में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। असम पुलिस (Assam police) के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) में फर्जी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले 36 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इन शिक्षकों के खिलाफ धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश) 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 आईपीसी (जाली दस्तावेज जमा करना) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस विभाग द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने इस मामले में शिकायत आने के बाद सीआईडी असम (CID assam) को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। सीएम (CM) को मिली शिकायत में कहा गया था कि शिक्षकों ने बीटीआर में नौकरी पाने के लिए शिक्षा निदेशक, कोकराझार को फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र जमा किए थे। 

बयान में आगे कहा गया है कि मुख्यमंत्री (CM) के निर्देश के बाद मामले की जांच की गई और आरोप सही पाया गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए सीआईडी का एक विशेष जांच दल गठित किया गया था। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

बयान में कहा गया है कि कई आरोपियों को पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए असम (Assam) के विभिन्न जिलों से सीआईडी मुख्यालय लाया गया है। अब तक की गई जांच से पता चला है कि फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र (fake tet certificate) प्रस्तुत किए गए थे, जैसे कि आरोपी ने परीक्षा में असफल होने के बावजूद योग्यता दिखाई, कुछ मामलों में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के लिए नकली रोल नंबर का उपयोग किया गया, और कुछ अन्य मामलों में असफल उम्मीदवारों द्वारा सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर का दुरुपयोग किया गया।