असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पिछले दो महीनों में राज्य में हुई विभिन्न मुठभेड़ों को सही ठहराते हुए बुधवार को जोर दिया कि पुलिस पर हमले का ‘जवाब दिया जाएगा और ऐसे अपराधियों को रोकने के लिए कानून के अनुसार ‘सख्त कदम’ उठाए जाएंगे। नशीली दवाओं के संबंध में असम गण परिषद् (अगप) विधायक प्रदीप हजारिका द्वारा विधानसभा में शुरू की गई चर्चा का जवाब देते हुए सरमा ने कहा कि 10 मई को उनके सत्ता संभालने के बाद से मादक पदार्थों की तस्करी में कथित तौर पर शामिल एक व्यक्ति मारा गया और सात अन्य घायल हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘पुलिस पर किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाएगी। जब उनकी सरकारी पिस्तौल छीन ली जाती है या अपराधी भागने की कोशिश करते हैं तो असम पुलिस मूकदर्शक नहीं रह सकती।’’ सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने मादक पदार्थों के मामले में इसे कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति की घोषणा की है और जब तक वह सत्ता में हैं, यह जारी रहेगा।

कांग्रेस विधायकों शर्मन अली अहमद और रकीबुल हुसैन ने मुठभेड़ों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठाया और कहा कि कानून के अनुसार पुलिस आरोपी को रोकने के लिए कमर के नीचे गोली चला सकती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरा स्पष्ट आदेश है- कानून नहीं तोड़ें। कानून के तहत सब कुछ करें और ऐसे अपराधियों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाएं।’ उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने पिछले दो महीनों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े 1,021 मामले दर्ज किए हैं और 1,897 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ ही 1.8 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

असम में मई के बाद से कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान कम से कम 15 संदिग्ध उग्रवादी और अपराधी मारे गए हैं, वहीं बलात्कार के आरोपियों और संदिग्ध पशु तस्करों सहित दर्जनों अन्य घायल हुए हैं।