असम में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 6 दिन बाद तक मुख्यमंत्री पद को लेकर बना सस्पेंस आखिरकार रविवार को खत्म हो गया। बीजेपी नेता और पूर्वोत्तर में पार्टी के चाणक्य माने जाने वाले हिमंत बिस्वा सरमा असम के नए मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री के नाम पर फैसले के लिए आज राजधानी गुवाहाटी में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। बीजेपी सूत्रों ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री के रूप में सर्बानंद सोनोवाल की जगह लेंगे। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सरमा के नाम हरी झंडी मिलने के बाद रविवार को गुवाहाटी में आयोजित विधायक दल की बैठक में सोनोवाल ने हेमंत बिस्वा सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा। हेमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।

एक फरवरी 1969 को गुवाहाटी के गांधी बस्ती, उलूबरी में हिमांत बिस्व शर्मा का जन्म हुआ। पापा का नाम कैलाश नाथ शर्मा है। जिनकी मौत हो चुकी है। माता मृणालिनी देवी हैं। शादी रिनिकी भुयान से की। दो बच्चे हैं। कामरूप ने अकादमी स्कूल से पढ़ाई की। 1985 में आगे की पढ़ाई के लिए कॉटन कॉलेज गुवाहाटी में दाखिला लिया। 1990 में ग्रेजुएशन और 1992 में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पॉलिटिकल साइंस में।

1991-1992 में कॉटन कॉलेज गुवाहाटी के जनरल सेक्रेटरी रहे। सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी किया। गुवाहाटी कॉलेज से पीएचडी की डिग्री ली। साल 1996 से 2001 तक शर्मा ने गुवाहाटी हाई कोर्ट में लॉ की प्रैक्टिस की। किताबें पढ़ना और ट्रैवल करना हिमांता को बहुत पसंद है। सपोर्ट्स में भी दिलचस्पी रखते हैं। 15 मई 2001 को हिमंत के पॉलिटिकल करियर की शुरूआत हुई। 3 बार असम के एमएलए रहे। 2001 में असम के जालुकबरी से पहली बार जीते। 2006 में दूसरी और 2011 में तीसरी बार चुने गए।

हिमांता असम सरकार में कई पदों पर काबिज रह चुके हैं। एग्रिकल्चर, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट, फाइनांस, कैबिनेट मिनिस्टर, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर जैसे पद हैं। इन सब के अलावा शर्मा असम हॉकी असोशिएसन, असम बैडमिंटन असोशिएसन के प्रेसिडेंट और असम क्रिकेट असोशिएसन के वाइस प्रेसिडेंट रहे हैं। काफी टाइम से असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई से हो रहे चिक-चिक की वजह से 21 जुलाई 2014 को हिमांता ने सभी पोस्ट से इस्तीफा दे दिया था।

23 अगस्त 2015 को अमित शाह के घर पर शर्मा ने बीजेपी ज्वाइन किया। 2016 में होने वाले चुनाव के लिए उन्हें पार्टी का संयोजक बनाया गया। साल 2006 में दूसरी बार एमएलए बनने के बाद हिमंत ने हेल्थ सेक्टर में कुछ अच्छे काम किए। नेशनल रुरल हेल्थ मिशन को इम्पलिमेंट इन्होंने ही किया। असम के लोगों के लिए 24 घंटे इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा शुरु करने का क्रेडिट इन्हें ही जाता है। औरतों की सेहत को ध्यान में रखकर आशा, ममता जैसे प्लान लाए। हिमंत की अगुआई में एजुकेशन सेक्टर में TET के जरिए 50 हजार टीचर्स को अप्वाइंट किया गया।

बता दें कि असम में हाल ही सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाले राजग ने जीत दर्ज की है। 126 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 60 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि उसके सहयोगी दल एजीपी को 9 सीटों और यूपीपीएल को 6 सीटों पर जीत मिली है। साल 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सर्बानंद सोनोनवाल को अपनी मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया था और चुनाव में जीत के साथ असम में पहली बार सरकार बनाई थी। इस बार पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान चुनावों के बाद करने का फैसला किया था। करीब 6 साल पहले कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए हिमंत बिस्वा सरमा को पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। वह सर्बानंद सोनोवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।