केंद्र सरकार ने असम में BTR समझौते को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस पर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें पिछले 10 जनवरी को हस्ताक्षर किए गए बीटीआर समझौते को लागू करने के लिए तैयार हैं। इसमें हर देशवासी आदिवासी परिवार तक अपनी शिकायतें पहुंचाना का भाजपा पार्टी के प्रत्येक जिम्मेदार कार्यकर्ता का कर्तव्य है। और लोगों की सेवा करना भी बीजेपी का कर्तव्य है।


जानकारी के लिए बता दें कि कोकराझार में भाजपा की असम आदिवासी मोर्चा निकाला है जिसको लेकर पहली प्रतिनिधि सभा के समापन सत्र को संबोधित करते हुए, सोनोवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकारें स्वदेशी जनजातीय लोगों के विकास और उनके उचित अधिकारों और विशेषाधिकारों को वितरित करने पर अधिक ध्यान दे रही हैं, जो कांग्रेस सरकारों द्वारा उपेक्षित थे। इसी के साथ बीटीआर एकॉर्ड सभी क्षेत्रों में स्थायी शांति और क्षेत्र के विकास को स्थापित करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का एक उपहार था।


इन्होंने कहा कि भाजपा के आदिवासी मोर्चा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, एससी और ओबीसी मोर्चा पर्याप्त सक्रिय होना चाहिए और गरीबों तक पहुंचना चाहिए और उनकी शिकायतों के उन्मूलन के लिए काम करना चाहिए। आदिवासी मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे 17 लाख आदिवासी परिवारों के पास जाएं और उनकी समस्याओं का डेटा लें और सरकार से अगले 15 नवंबर तक रिपोर्ट देने को कहें ताकि सरकार उनकी समस्याओं को हल करने के लिए पहल कर सके।