केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने 2020 में दक्षिण पश्चिमी मानसून की वजह से बाढ़ और भूस्खलन के चलते नुकसान का सामना करने वाले पांच राज्यों के लिए शुक्रवार को 1,751 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय मदद को मंजूरी दे दी। गृह मंत्रालय ने कहा कि जिन राज्यों के लिए अतिरिक्त मदद को मंजूरी दी गई है, उनमें असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। 

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि समिति ने राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष से पांच राज्यों के लिए 1,751.05 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को स्वीकृति दी है। इसने कहा कि असम के लिए 437.15 करोड़ रुपये, अरुणाचल प्रदेश के लिए 75.86 करोड़, ओडिशा के लिए 320.94 करोड़, तेलंगाना के लिए 245.96 करोड़ और उत्तर प्रदेश के लिए 386.06 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई है। 

मंत्रालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए रबी 2019-20 के दौरान ओलावृष्टि की वजह से हुए नुकसान के लिए भी 285.08 करोड़ रुपये की सहायता मंजूरी की गई है। बयान में कहा गया कि अतिरिक्त केंद्रीय मदद को स्वीकृति देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के बहन-भाइयों की मदद करने का संकल्प लिया है। 

इसमें कहा गया कि आपदाओं के तत्काल बाद केंद्र सरकार ने इंतजार किए बिना संबंधित सभी पांचों राज्यों में अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम नियुक्त की थीं। बयान में कहा गया कि इसके अतिरिक्त, 2020-21 के दौरान आज की तारीख तक केंद्र सरकार 28 राज्यों को राज्य आपदा मोचन कोष से 19,036.43 करोड़ रुपये तथा 11 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष से 4,409.71 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।