असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया (Union Minister of Chemicals and Fertilizers Mansukh Mandaviya) से मुलाकात के कुछ घंटों बाद, केंद्र ने ब्रह्मपुत्र घाटी उर्वरक निगम लिमिटेड (BVFCL) के पुनरुद्धार के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि 100 करोड़ रुपये के पैकेज से डिब्रूगढ़ जिले के नामरूप में बीवीएफसीएल (BVFCL) की इकाइयों के पुनरुद्धार की सुविधा होगी।

केंद्रीय मंत्री को धन्यवाद देते हुए, सरमा (sarma) ने ट्वीट किया, यह (वित्तीय सहायता) बीवीएफसीएल (BVFCL) को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

बीवीएफसीएल (BVFCL) केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कंपनी अधिनियम के तहत गठित एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इस समय यह अपने दो पुराने संयंत्रों - नामरूप-2 और नामरूप-3 का संचालन कर रही है।

केंद्र सरकार (central government) द्वारा बीवीएफसीएल (BVFCL) को 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से इसकी 3.90 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष की यूरिया उत्पादन क्षमता को बहाल करने और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र, विशेष रूप से असम में चाय उद्योग (Tea Industry in Assam) और कृषि क्षेत्र को यूरिया की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की उम्मीद है।

बीवीएफसीएल में स्थायी आधार पर 580 कर्मचारी हैं और अन्य 1,500 तदर्थ आधार पर।