गुवाहाटी जोन ने घोषित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) कक्षा दस के बोर्ड परिणामों में सबसे कम पास प्रतिशत 79.12 प्रतिशत दर्ज किया है। सीबीएसई के अनुसार दक्षिणी क्षेत्र में केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया गया। केरल में परिणाम 99.28 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस साल 91.46% छात्र हुए पास हुए हैं. जिसमें 93.31% लड़कियां और 90.14% लड़के पास हुए हैं। साल 2019 की तुलना में इस साल पास प्रतिशत में मामूली उछाल आया है। इस साल पास प्रतिशत 0.36 फीसदी बढ़ा है। साल 2019 में 1761078 छात्रों ने परीक्षा दी थी, उसमें से 91.10 प्रतिशत कुल छात्र पास हुए थे। वहीं इस साल 1873015 छात्रों ने परीक्षा दी थी। उसमें से 91.46 प्रतिशत पास हुए हैं।

सीबीएसई रिजल्ट में इस बार लड़कों से 3.17 % ज्यादा लड़कियों का पास प्रतिशत रहा। आंकड़ों की बात करें तो 2019 में भी लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से ज्यादा था, लेकिन तब ये अंतर इतना नहीं था, जितना इस साल आया है। बीते साल 2019 में 92.45 फीसदी लड़कियां और 90.14 लड़के पास हुए थे। वहीं इस साल लड़कों का पास प्रतिशत बीते साल जितना ही 90.14 रहा है, वहीं लड़कियां पहले से आगे निकल गईं। लड़कियों का पास प्रतिशत इस साल 93.31 प्रतिशत आया है।

इस साल ट्रांसजेंडर का पास प्रतिशत काफी नीचे आया है। ये पास प्रतिशत बीते साल की 15.79 फीसदी गिरा है। बीते साल जहां 94.74 प्रतिशत ट्रांसजेंडर कैटेगरी के छात्र पास हुए थे। वहीं इस साल ये प्रतिशत गिरकर 78.95 पहुंच गया है। ये काफी चिंताजनक है। दिल्ली ईस्ट और वेस्ट की तुलना में नोएडा का पास प्रतिशत ज्यादा रहा। एनसीआर रीजन में आने वाले नोएडा का पास प्रतिशत 87.51 रहा। वहीं दिल्ली वेस्ट का 84.96 प्रतिशत और दिल्ली ईस्ट का 85.79 पास प्रतिशत रहा। इस साल केंद्रीय विद्यालय के छात्रों का प्रर्दशन अच्छा रहा। यहां के 99.23% छात्र सफल हुए हैं। वहीं जवाहर नवोदिय विद्यालय दूसरे स्थान पर है। यहां के 98.66% छात्र पास हुए हैं।