कोकराझार के गोसाईगांव अनुमंडल में सोमवार की रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दो पशु तस्कर मारे गए। इस दौरान 4 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। वहीं एक पुलिस को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोपी पशु तस्करों की पहचान अकबर बंजारा और सलमान बंजारा के रूप में हुई है।

ये भी पढ़ेंः 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले सैनिकों को सम्मानित करेगी सरकार


मेरठ के फलावदा कस्बा निवासी अकबर बंजारा पर 2 लाख रुपए का इनाम था। बताया जा रहा है कि रिमांड अवधि के दौरान अकबर बंजारा और सलमान पुलिस कस्टडी से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान कोकराझार में हुए मुठभेड़ में दोनों पशु तस्कर मारे गए। मेरठ पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने दोनों तस्करों के मारे जाने की पुष्टि की है। अकबर ने अपना अवैध कारोबार असम, मेघालय, वेस्ट बंगाल, मिजोरम तक फैला लिया था। ये लोग बांग्लादेश तक बंद बॉडी के ट्रक (कंटेनर) से गोवंश पहुंचाते थे। अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान ने गोमांस की सप्लाई कर मेरठ, बिजनौर और आस-पास के अन्य जिलों में 300 करोड़ की संपत्ति जुटा ली थी। पुलिस दोनों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी में थी। पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को भी लेटर लिखा था, ताकि उसकी संपत्ति की जांच हो सके। अकबर बंजारा बांग्लादेश में गोमांस की सप्लाई करता था। 

ये भी पढ़ेंः GMC Polls: असम चुनाव आयोग ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ जांच के आदेश दिए


अकबर बंजारा को पकड़ने को पकड़ने के लिए असम पुलिस ने नॉर्थ इस्ट के कई राज्यों में दबिश दी, लेकिन हर बार वो भाग निकला। असम पुलिस कई बार मेरठ और फलावदा भी आई, लेकिन हर बार मुखबिरी हो गई और बंजारा भाग निकलाता। यूपी एसओजी को मामले की जानकारी मिली, तो मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। अकबर बंजारा के गिरोह का एक सदस्य पुलिस से मिल गया और उसी ने बताया कि अकबर बंजारा मेरठ आ रहा है। यूपी एसओजी ने जाल बिछाया और अकबर बंजारा को भाई सलमान और शमीम के साथ गिरफ्तार कर लिया।