राजस्थान के सीकर में भलाऊ ताल से नेठवा गांव के बीच सड़क पर लावारिस हालत में मिली नाबालिग गर्भवती लड़की के मामले की कलई खुल गई है। पुलिस पूछताछ में नाबालिग को शादी का झांसा देकर लाने, उससे दुष्कर्म करने एवं खरीद फरोख्त का मामला सामने आया है। इस मामले में लड़की के पिता की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। लड़की को असम से लाया गया था। पुलिस ने मामले में लड़की के पिता सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

एसएचओ राधेश्याम थालोड़ के अनुसार असम के बोर फांटा निवासी 16 वर्षीय बालिका तारानगर थाना क्षेत्र में घूमते हुए मिली थी। उसे बालिका आश्रम चूरू में भेज दिया गया। मेडिकल जांच में लड़की 11 सप्ताह की गर्भवती मिली। बाद में उसे बालिका गृह बीकानेर भिजवा दिया गया। लड़की ने चंगोई फांटा, तारानगर के पास खेत में बनी एक ढाणी में रहती थी। ढाणी मालिक किरसन जाट निवासी देवगढ़, हाल चंगोई फांटा, तारानगर से पूछताछ की गई तो उसने पुलिस को बताया कि उक्त लड़की को पांच दिन पहले धर्मपाल सहारण निवासी भमाड़ा, राजगढ छोड़कर गया था।

धर्मपाल को तलब कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि कुछ समय पहले ओमप्रकाश जाट निवासी ददरेवा हाल झुंझुनूं लड़की को यहां पर बेचने लाया था। उसने हरियाणा के भुगला गांव में एक युवक से उसकी शादी भी करवा दी थी, लेकिन लड़की के भोली होने के कारण लड़के ने उसे वापस ओमप्रकाश के पास गांव भिजवा दिया।

इसके बाद वह तारानगर के चंगोई फांटा स्थित किरसन जाट की ढाणी में चार-पांच दिन रही। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि ओमप्रकाश के गांव से लड़की बिना बताए वहां से निकल गई जो भलाऊ ताल व नेठवा गांव के पास सड़क पर मिली। मामले में लड़की के पिता द्वारा नाबालिग की रुपए लेकर शादी कराने की बात भी सामने आई। 

पुलिस ने धर्मपाल सहारण, ओमप्रकाश, किरसन जाट, लड़की के पिता व अन्य के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म और मानव तस्करी का मामला दर्ज किया है। एसएचओ ने बताया कि उक्त मामले में एसपी के निर्देशन में कार्रवाई की गई। प्रथमदृष्टया मामला मानव तस्करी से जुड़ा हुआ माना गया है। प्रारंभिक जांच में लड़की को शादी के नाम पर असम से खरीदकर लाया जाना सामने आया है। पुलिस ने पोस्को एक्ट एवं मानव तस्करी प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।