असम विधानसभा में पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1994 के बाद के 25 वर्षों में राज्य के विभिन्न विभागों में 2,15,286 लाख करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का पता लगाया गया है। इसे लेकर उठाए गए सवालों का राज्य सरकार ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। 

कैग ने 31 मार्च, 2019 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए सामाजिक, आर्थिक (गैर-पीएसयू) और सामान्य क्षेत्रों पर जारीअपनी रिपोर्ट में कहा कि राज्य सरकार के 55 विभागों की जांच करते हुए 1994-95 से 2018-19 के बीच जारी 2,734 निरीक्षण रिपोर्टों (आईआर) में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

असम विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र के दौरान प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है दिसंबर 2018 तक जारी किए गए आईआर में से 6,385 आईआर से संबंधित 39,479 मामलों का जून 2019 के अंत तक निपटारा नहीं हुआ था।

कैग ने कहा कि यह निरीक्षण रिपोर्टें विभिन्न विभागों जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जल संसाधन, सिंचाई और अंतर्देशीय जल परिवहन और अन्य विभागों से संबंधित हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1208 आईआर के 5262 पैरेग्राफ में उठाई गई आपत्तियों का बीते 10 सालों या उससे अधिक समय से जवाब नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं आरंभिक जवाब, जो कि रिपोर्ट मिलने के चार सप्ताह में संबंधित विभागों के प्रमुखों द्वारा दिए जाने जरूरी हैं, भी नहीं दिए गए। यह जवाब नहीं देने वाले विभागों की संख्या 55 है।