असम मंत्रिमंडल (Assam Cabinet) की बैठक गुरुवार को राज्य की राजधानी दिसपुर (Capital Dispur) से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व धेमाजी में हुई। यह पहली बार था जब हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के नेतृत्व वाली सरकार ने गुवाहाटी के बाहर कैबिनेट की बैठक (Cabinet meeting) की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह परंपरा जारी रहेगी। कैबिनेट की अगली बैठक नवंबर में बोंगाईगांव में और दूसरी बैठक दिसंबर में हाफलांग में होगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं है। हम बैठक से एक दिन पहले यहां पहुंचे और एक जिले को कवर किया। हमने गुरुवार को धेमाजी में बिताया और शुक्रवार को वापस जाते समय हम दूसरे जिले का दौरा करेंगे। जहां विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे और लोगों के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत करेंगे।

मुख्‍यमंत्री ने बताया कि हिंदुस्तान पेपर मिल्स की दो बंद पेपर मिलों के कर्मचारियों के साथ बैठक के बाद राज्‍य सरकार ने फैसला लिया है कि उन्हें 570 करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया जाएगा। कैबिनेट ने इस निर्णय को मंजूरी दी और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलों के सभी लंबित बकाया को चुकाने के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च करने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्‍यमंत्री ने कहा, ‘कर्मचारियों को 570 करोड़ रुपये का राहत पैकेज मिलेगा। शेष राशि अन्य बकाया चुकाने में जाएगी। कुल मिलाकर 700 करोड़ रुपये परिसमापक को दिए जाएंगे। एक बार ऐसा हो जाने के बाद, दो मिलों की 4700 ‘बीघा’ भूमि राज्य सरकार की होगी। जो बदले में औद्योगिक एस्टेट में परिवर्तित हो जाएगी।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने लगभग 1.1 मिलियन महिला उधारकर्ताओं के माइक्रोफाइनेंस ऋणों को माफ करने के रूप में 1800 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने पहले इन ऋणों को माफ करने के लिए माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं कैबिनेट बैठक में धेमाजी जिले के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं। जिसमें डीसी कार्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये और स्पोर्ट्स कांप्‍लेक्‍स के लिए 50 करोड़ रुपये शामिल हैं।