निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने बुधवार को असम के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अशोक सिंघल (Assam Minister and Bharatiya Janata Party leader Ashok Singhal) को आचार संहिता के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी की।

उपचुनाव (By-election) के लिए प्रचार करने के दौरान सिंघल ने लोगों से कहा कि अगर वे नदी के तटबंध पर काम शुरू होते देखना चाहते हैं तो उन्हें भाजपा को वोट देना चाहिए।

नोटिस में यह भी कहा गया कि सिंघल ने जनसभा के लिए संबंधित अधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। भाजपा नेता को बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक नोटिस का जवाब देना है।

आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार सिंघल ने कहा, “तालियां काफी नहीं हैं। आपको वोट देना होगा। एक हाथ से दीजिये और एक हाथ से लीजिये। पहले आप दीजिये और फिर मैं आपको बदले में फायदा दूंगा।

अगर कल को कांग्रेस (congress), बीपीएफ (BPF) और एआईयूडीएफ (AIUDF) आकर कुछ और कहेंगे और वोट मांगेंगे तो तटबंध पर काम शुरू नहीं होगा।” आयोग ने भाजपा के नेता के विरुद्ध शिकायत पर कार्रवाई की।