असम में विपक्षी कांग्रेस (Assam congress) ने शनिवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) को 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों में प्रचार करने से रोका जाए और आरोप लगाया कि उन्होंने चुनावी विधानसभा क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं का वादा कर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।

पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने भाजपा एवं इसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के लिए प्रचार के दौरान ‘‘भारतीय संसदीय व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और संविधान की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।’’ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नितिन खाडे (Chief Electoral Officer Nitin Khade) को दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरमा ‘‘बार-बार बयान दे रहे हैं कि विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी है कि विधायक सत्तारूढ़ दल का हो।’’

इसने कहा, ‘‘उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगर विपक्षी दल का कोई वर्तमान विधायक भाजपा में शामिल होता है तो उसके क्षेत्र में दो हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं दी जाएंगी।’’ असम विधानसभा (Assam Legislative Assembly) में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया (Leader of the Opposition Debabrata Saikia) ने शुक्रवार को सीईओ से अपील की थी कि सरमा चुनाव रैलियों में मतदाताओं को प्रधानमंत्री आवास योजना (Prime Minister's Housing Scheme) के तहत सहायता की पेशकश कर कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, इसलिए उन्हें चुनाव प्रचार (Election Campaign) करने से रोका जाए।