द वायर और द क्रॉस करंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए मिली सूचना के आधार पर असम सरकार ने 2020 में उन कंपनियों को COVID-19 चिकित्सा आपूर्ति का तत्काल आदेश दिया जो वर्तमान मुख्यमंत्री के स्वामित्व वाली हैं। जोकि असम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी और उनके  व्यापारिक सहयोगी की हैं । गौरतलब है कि 2020 में COVID-19 महामारी के प्रकोप के दौरान हिमंत बिस्वा सरमा असम के स्वास्थ्य मंत्री थे।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि असम सरकार ने COVID-19 से संबंधित चिकित्सा आपूर्ति बहुत अधिक दर पर खरीदी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि असम सरकार ने एक फर्म को सैनिटाइजर की प्रत्येक 200 मिलीलीटर की बोतल के लिए 25 रुपये (जीएसटी के साथ 37 रुपये) का भुगतान किया। इस कंपनी का हिमंत बिस्वा सरमा से लिंक था। प्रत्येक 500 मिलीलीटर की बोतल के लिए 231 रुपये और प्रत्येक 100 मिलीलीटर की बोतल के लिए 100.30 रुपये का भुगतान किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार ये क्रमशः 137 रुपये और प्रति बोतल 81 रुपये अधिक था।  

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रिपोर्ट में कहा गया है, "ऐसे 'अत्यावश्यक' कार्य आदेशों के सबसे महत्वपूर्ण लाभार्थियों में - जेसीबी इंडस्ट्रीज के साथ-साथ हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के स्वामित्व वाले जीआरडी फार्मास्यूटिकल्स और मेडिटाइम हेल्थकेयर थे। दोनों कंपनिया गुवाहाटी स्थित घनश्याम धानुका के स्वामित्व में थे।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है: "दिलचस्प बात यह है कि सरमा के बेटे नंदिल बिस्वा सरमा वर्तमान में वशिष्ठ रियल्टर्स (पूर्व में आरबीएस रियल्टर्स) में सबसे बड़े  हितधारक हैं।  इस फर्म में घनश्याम के पिता अशोक धानुका पूर्णकालिक निदेशक हैं।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरटीआई प्रतिक्रियाओं से पता चला है कि धानुका के स्वामित्व वाली जीआरडी फार्मास्युटिकल्स ने महामारी के दौरान राज्य सरकार को हैंड सैनिटाइज़र की आपूर्ति के लिए प्रमुख अनुबंध प्राप्त किए। महत्वपूर्ण रूप से राज्य सरकार ने धानुका की कंपनी से उपलब्ध बाजार दरों से काफी अधिक कीमत पर हैंड सैनिटाइज़र खरीदे। सरमा द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय भी चिकित्सा सामग्री की खरीद के लिए धानुका की कंपनियों द्वारा रखी गई शर्तों को समायोजित करने के लिए पीछे की ओर झुकता हुआ प्रतीत होता है। उदाहरण के लिए पीपीई किट गुवाहाटी के बजाय नई दिल्ली में असम भवन में वितरित किए गए थे। 

तत्काल कार्य आदेश के तहत असम स्थित एक अन्य फर्म सूरमा डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड को 200 मिलीलीटर प्रत्येक के 1,30,000 हैंड सैनिटाइज़र की आपूर्ति करने के लिए आर्डर दिया गया था । हालांकि यह जीआरडी फार्मास्यूटिकल्स को भुगतान करने के लिए एनएचएम की सहमति से काफी कम दर पर था।