वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट 2021 पेश करते हुए असम व बंगाल के चाय वर्करों के लिए राहत भरा ऐलान किया। इसके तहत महामारी से बुरी तरह प्रभावित होने वाले असम व बंगाल के चाय वर्करों के लिए  1 हजार करोड़ रुपये दिए गए। वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं असम और पश्चिम बंगाल में चाय के बगानों में काम करने वाले श्रमिकों विशेषकर महिलाओं व उनके बच्चों के लिए एक हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखती हूं।' बता दें कि देश में चाय का सर्वाधिक उत्पादन करने वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल और असम हैं।

वित्‍त मंत्री की ओर से बजट में चाय बगान के श्रमिकों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के किए गए प्रावधान से बंगाल के चाय बगान में काम करने वालों को भी फायदा मिलने वाला है। साथ ही पश्विम बंगाल के लिए नेशनल हाइ-वे और रेल फ्रेट कॉरिडोर की परियोजनाओं का भी एलान किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल असम सरकार के समक्ष अपील करते हुए चाय वर्करों के एसोसिएशन ने कहा था कि आयुष मंत्रालय को इसके लिए आगे आना होगा और इम्युनिटी संवर्धक के तौर पर चाय को प्रमोट करना होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि लॉकडाउन के कारण यह सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भारतीय चाय संघ ने पिछले साल सेक्टर में लॉकडाउन के कारण हुए नुकसान की भरपाई पर जोर दिया था। संघ ने बताया था कि लॉकडाउन के कारण असम और पश्चिम बंगाल में चाय उद्योग को मार्च-मई 2020 की अवधि में 2,100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संघ की माने तो दोनों राज्यों में इस दौरान चाय के उत्पादन में 14 करोड़ किलोग्राम का नुकसान हुआ। इसके साथ ही संघ ने वाणिज्य मंत्रालय और दोनों राज्य सरकारों से चाय उत्पादकों के लिए आर्थिक राहत पैकेज की मांग की थी। इसके तहत ब्याज पर छूट, कार्यशील पूंजी की सीमा बढ़ाना और बिजली बिल के भुगतान और भविष्य निधि के बकायों को चुकाने पर राहत शामिल की गई।