केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (CBI) ने बुधवार को कहा कि उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े रिश्वत मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने कहा कि मंगलवार को उन्होंने गुवाहाटी में एनएफआर, मालीगांव के डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (deputy chief electrical engineer) (कोचिंग) रंजीत कुमार बोरा और सन शाइन डिवाइसेज प्राइवेट लिमिटेड (Sun Shine Devices Pvt Ltd), पटना के निदेशक चिंतन जैन को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।

बुधवार को सीबीआई ने चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) वीके उपाध्याय (VK Upadhyay) और चिंतन जैन के एक कर्मचारी नीरज कुमार को गिरफ्तार किया है। सीबीआई टीम ने गुवाहाटी, पटना, नोएडा में 9 स्थानों पर तलाशी ली, जहां से 2.19 करोड़ रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किये गये। इसमें से 2.13 करोड़ रुपये नकद के साथ-साथ नोएडा में तीन फ्लैटों का ब्योरा बुधवार को गिरफ्तार रेलवे अधिकारी के परिसर से मिला है। बुधवार को उसी रेलवे अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 6 अन्य फ्लैटों के विवरण के साथ 6 लाख रुपये नकद मिले।

सीबीआई (CBI) के एक अधिकारी ने बताया कि बोरा और चिंतन जैन, उनके कर्मचारी नीरज कुमार और अज्ञात सरकारी व निजी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह आरोप लगाया गया था कि बोरा ने पूर्व में एनएफआर में डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (deputy chief electrical engineer) (निर्माण) के रूप में तैनात रहते हुए निजी कंपनी के निदेशक से कथित अवैध रिश्वत के रूप में दो अचल संपत्तियां (बेनामी फ्लैट) प्राप्त की थीं। बोरा ने कथित तौर पर दो बेनामी फ्लैटों के बदले निदेशक चिंतन जैन से उन्हें पूर्व में अनुचित लाभ देने और भविष्य में अनुचित लाभ के लिए 2.10 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, यह पैसा रेलवे अधिकारी को किश्तों में दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि इसकी शिकायत मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों की एक टीम बनाई और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान उन्हें निजी फर्म के अधिकारी और निदेशक के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मिली है।