असम और मिजोरम राज्यों के बीच में सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस केंद्र सरकार भी गौर कर रही है लेकिन अभी तक इसको हल नहीं किया गया है।   कुछ ही दिन पहले सीमा विवाद को लेकर लोगों में झड़प हो गई थी जिससे कई लोग घायल भी हो गए थे। ये घटना होने के बाद से सरकार ने सीमा पर नाकाबंदी कर दी है। यह नाकाबंदी चार दिन से जारी है। जानकारी के लिए बता दें कि यह सीमा मिज़ोरम को असम से जोड़ती है।


नाकाबंदी होने के बाद भी मिज़ोरम के सर्वोच्च छात्र निकाय राष्ट्रीय राजमार्ग-306 पर नाकाबंदी के बावजूद फिर से आवाजाही शुरू हुई हो गई है। MZP ने दो पड़ोसी राज्यों के बीच सीमा तनाव के मद्देनजर नाकाबंदी का मंचन किया था। MZP अध्यक्ष बी. वनलाल्टाना ने बताया कि असम के कछार में लायलपुर के निवासियों के खिलाफ शुरू की गई नाकाबंदी के विरोध में असम सीमा के पास वैरेंगटे में नाकाबंदी का मंचन किया गया है।


16 अक्टूबर से जिला और लंबे समय से अंतर-राज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए केंद्र और मिजोरम और असम की दोनों सरकारों पर दबाव बनाने का आदेश दिया गया है। इसी के साथ वनलाल्टाना ने कहा कि छात्रों के संगठन की आपात बैठक ने नाकाबंदी को तेज करने का फैसला किया है। नेता के अनुसार, कम से कम 11 MZP नेताओं, जिनमें संगठन उपाध्यक्ष पीटर छांगटे शामिल थे। उनको पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार कर लिया है।