असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने मंगलवार को बोडो युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए बीटीआर प्रमुख प्रमोद बोरो की पहल 'बोडोलैंड सुपर 50 मिशन' की शुरुआत की।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) प्रशासन की परियोजना का उद्देश्य असम के पांच बोडो बहुल जिलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वाले इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के जीवन बदलाव लाना है ।

यह पहल बिहार में आनंद कुमार-सुपर 30, ऑयल इंडिया सुपर 30, ओएनजीसी सुपर 30 और तेलंगाना सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसाइटी (TSWREIS) जैसे छात्रों की उपलब्धियों को बढ़ाने के कुछ प्रसिद्ध उदाहरणों के समान है।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने "अति आवश्यक" कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, 'अगर हमें बोडोलैंड के विकास के बारे में सोचना है तो हमें आत्मनिर्भर होना होगा। बोरो ने राज्यपाल को बीटीआर का दौरा करने और कार्यक्रम शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया।

बोडोलैंड सुपर 50 मिशन बीटीआर के उन छात्रों को 11 महीने का उच्च गुणवत्ता वाला मुफ्त आवासीय कोचिंग और परामर्श कार्यक्रम प्रदान करने की भी योजना बना रहा है जो आईआईटी, एनआईटी और शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के इच्छुक हैं।

बयान में कहा गया है कि प्रत्येक वर्ष कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 50 उम्मीदवारों (बक्सा, चिरांग, कोकराझार, तामुलपुर और उदलगुरी के प्रत्येक जिले से 10) को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। आपको बता दें कि BTR असम के बोडो बहुल क्षेत्रों के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत बनाई गई एक निर्वाचित स्वायत्त निकाय है।