असम के बोडो संगीत उद्योग के एक अनुभवी संगीतकार मुसुखा गोयारी अपने बीमार स्वास्थ्य और आय की कमी के कारण कठिन समय से गुजर रहे हैं। लॉकडाउन में वित्तिय समस्या का सामने कर रहे संगीतकार मुसुखा गोयारी ने सरकार से मदद की मांग की है।  बोडो टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के संस्कृति विभाग ने हर साल बीमार कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान की है, लेकिन संगीतकार ने इसे अभी तक प्राप्त नहीं किया है।


कोकराझार के डोटमा में लाओडोंगा इंगटीबिल गांव से, संगीतकार मुसुखा गोयारी ने एक हजार से अधिक गाने गाए हैं, कई जिनमें से ऑल इंडिया रेडियो में प्रसारित किया गया है। बोडो संगीत के आधुनिकीकरण और व्यावसायीकरण में उनका योगदान बहुत बड़ा है। हालाँकि, एक बड़े हादसे से निपटने के बाद उनका करियर रुक गया था। जिससे वह की समस्याओं का अकेले ही सामना कर रहे हैं।


संगीतकार मुसुखा गोयारी ने कहा कि कृषि भूमि के एक छोटे से भूखंड पर खेती करके जीवन यापन करता हूँ। मैं पिछले कुछ वर्षों में भारी आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहा हूं। मैं विभिन्न सार्वजनिक प्लेटफार्मों में प्रदर्शन करने और बोडो संगीत में योगदान करने के लिए तैयार हूं। “मुझे बीटीसी के संस्कृति विभाग से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता कभी नहीं मिली। बता दें कि संगीतकार मुसुखा गोयारी ने बोडोलैंड आंदोलन के दौरान कई बोडो राष्ट्रवादी गीत गाए थे।