केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली असम सरकार राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखेगी, क्योंकि लोगों को यह एहसास हो गया है कि कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सक्षम नहीं है।जोनाई, माजुली और उदलगुरी में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा कि कांग्रेस को लोगों को बताना होगा कि वह सीमा पार से घुसपैठ की जांच कैसे करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारी सरकार असम में विकास कर रही है, तो कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए एक सांप्रदायिक ताकत के साथ गठबंधन करती है।’’ ‘‘2016 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा सरकार ने असम को भ्रष्टाचार मुक्त, आंदोलन मुक्त, घुसपैठ मुक्त और आतंकवाद मुक्त राज्य बनाने का वादा किया था। पिछले पांच वर्षों के दौरान भाजपा सरकार ने बहुत कुछ हासिल किया है। इतना ही नहीं, सरकार ने असम को बाढ़ मुक्त राज्य भी बनाया है।’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस के शासन के दौरान, आतंकवादियों ने बड़ी संख्या में नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों को मार डाला और उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाल के वर्षों में 2,000 से अधिक आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और हजारों हथियार और गोला-बारूद जमा किए हैं। कांग्रेस पर ‘असम के लिए कोई महत्वपूर्ण विकास नहीं करने’ का आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा, ‘‘एनडीए सरकार ने 20,000 किलोमीटर सडक़ के निर्माण के लिए 53,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। गैस और तेल क्षेत्रों में परियोजनाओं के लिए 46,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और ब्रह्मपुत्र नदी पर छह बड़े पुलों का निर्माण किया गया।’’ मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और स्वास्थ्य और वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के प्रयासों की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि कोविड -19 प्रबंधन में, असम सरकार का प्रदर्शन पूरे देश में उत्कृष्ट था।