भाजपा विधायक बिस्वजीत दैमारी शुक्रवार को सर्वसम्मति से असम की 15वीं विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। दैमारी ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास की मौजूदगी में विधानसभा सचिवालय में नामांकन दाखिल किया था।

कांग्रेस-एआईयूडीएफ गठबंधन ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था। कोई और दावेदार नहीं होने से अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष फानी भूषण चौधरी ने दैमारी को अध्यक्ष घोषित किया और उन्हें प्रभार सौंप दिया। नव निर्वाचित अध्यक्ष ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मैं असम की जनता को सदन की ओर से सकारात्मक संदेश दे पाऊंगा। सभी विधायक यहां पर अपनी बात रख पाएंगे। मैं नियम के मुताबिक सभी को बराबर मौका दूंगा।’

सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा अन्य ने दैमारी को बधाई दी। बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद दैमारी फरवरी माह में राज्यसभा के लिए पुन: चुने गए थे। उन्होंने पनेरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और 35,852 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। सत्तारूढ़ भाजपा ने उपाध्यक्ष पद के लिए अपने विधायक नुमाल मोमिन को नामित किया है। सचिवालय जब इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा तो वह अपना नामांकन दाखिल करेंगे।