देशभर में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद से कई राज्यों ने मुर्गी के आयात पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है। इसी बीच असम सरकार ने भी माघ बिहू या भोगली बिहू के पर्व के चलते अस्थायी रूप से मुर्गी के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस बारे में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि,  एहतियात के तौर पर बीमारी को रोकने के हित में राज्य की पश्चिमी सीमा से मुर्गी के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। सरकारी ने आगे कहा कि बीमारी के खिलाफ सक्रिय और लक्षित निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले ही सलाह जारी की जा चुकी है।

पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग भी स्थानीय बाजारों में बेची जा रही बिक्री पर नजर रख रहा है और सतर्कता बढ़ाने के लिए राज्य के वन विभाग के साथ बातचीत भी की है। राज्य सरकार के अनुसार, असम राज्य के बाहर से सालाना 400 करोड़ से अधिक के पोल्ट्री उत्पादों का आयात करता है। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और खादी के लिए उनके आंदोलन को प्रोत्साहित करने के लिए और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए, असम सरकार ने राज्य सरकार के ग्रेड IV कर्मचारियों को खादी के कपड़े भेंट करने का फैसला किया है।

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह के हिस्से के रूप में, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हैंडलूम और वस्त्र विभाग को निर्देश दिया है कि वे राज्य सरकार के ग्रेड IV पुरुष और महिला कर्मचारियों को खादी शर्ट, एरी शॉल और एरी स्टोल प्रदान करें। इस महीने से पहला चरण शुरू किया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह के हिस्से के रूप में, मुख्यमंत्री  सर्बानंद सोनोवाल गुवाहाटी में एक बैठक में हथकरघा और कपड़ा विभाग के अधिकारियों को खादी शर्ट, एंडी शॉल और एंडी स्टोल ग्रेड IV के कर्मचारियों को प्रदान करने का निर्देश दिया।