सुरक्षा बलों ने उल्फा (इंडिपेंडेंट) (ULFA Independent) के एक भर्ती मॉड्यूल (recruitment module) का भंडाफोड़ करते हुए ऊपरी असम (Assam) के नमटोला से प्रतिबंधित संगठन के सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में सरेंडर कर चुका एक कैडर भी शामिल है। सेना के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा कि इन युवकों को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे सीमा पार म्यांमार में उल्फा-आई के प्रशिक्षण शिविरों की ओर जा रहे थे।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में उल्फा-आई द्वारा कथित तौर पर युवकों की भर्ती किए जाने की विशेष सूचना के आधार पर जॉयपुर बटालियन ने सोनारी पुलिस के साथ बुधवार को इस अभियान को अंजाम दिया।उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से कारतूस के साथ एक पिस्तौल भी बरामद हुई है। प्रवक्ता ने कहा, ”पकड़े गए सभी लोगों को पुलिस को सौंप दिया गया है और उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्हें उल्फा-आई के संचालकों द्वारा भर्ती किया गया था।

उल्फा या युनाइटेड लिबरेशन फ्रॉन्ट ऑफ असम (United Liberation Front of Asom) भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में सक्रिय एक प्रमुख आतंकवादी और उग्रवादी संगठन हैं। सशस्त्र संघर्ष के द्वारा असम को एक स्वतंत्र राज्य बनाना इसका लक्ष्य है। भारत सरकार ने इसे सन् 1990 में प्रतिबन्धित कर दिया और इसे एक ‘आतंकवादी संगठन’ के रूप में वर्गीकृत किया है।

उत्तरपूर्वी भारत में सक्रिय ढ़ेर सारे आतंकवादी संगठनों में से एक आतंकवादी संगठन उल्फा है। उल्फा का पूरा नाम यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम है लेकिन संगठन उल्फा के नाम से ही प्रचलित है। सैन्य संघर्ष के जरिए संप्रभु समाजवादी असम को स्थापित करने मकसद से भीमकान्त बुरागोहाँइ, राजीव राजकोँवर अर्फ अरबिन्द राजखोवा, गोलाप बरुवा उर्फ अनुप चेतिया, समिरण गोगई उर्फ प्रदीप गोगई, भद्रेश्वर गोहाँइ और परेश बरुवा ने 7 अप्रैल 1979 में शिवसागर के रंघर में उल्फा की स्थापना की।

ऐसा माना जाता है कि 1986 में उल्फा का संपर्क नैशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन) और म्यांमार में सक्रिय संगठन काछिन रेबेल्स से हुआ। 1989 में इसे बांग्लादेश में कैंप लगाने की छूट मिल गई और 1990 के आते-आते उल्फा ने कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया।उल्फा का कहना है कि असम कभी भी भारत का हिस्सा नहीं था। उल्फा का दावा है कि असम जिन ढ़ेर सारी मुश्किलों का सामना कर रहा है उनमें राष्ट्रीय पहचान सबसे प्रमुख समस्या है। इसलिए उल्फा स्वतंत्र दिमाग से संघर्षरत लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहा है।